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Awara a poem in Hindi by Alok Mishra
Awara: A Hindi Poem
14th April 2017

Awara: A Hindi Poem

आवारा हकीकत की जब कल्पना नहीं कर पाता हूँ फिर मैं मजबूर हो जाता हूँ इच्छित संसार के स्वप्नों में विचरण करने को स्वछन्द आवारा रोक-टोक मुझे पसंद नहीं ना ही किसी ने की है अब तक पर हाँ, खुद…

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poem on nationalism patriotism Alok Mishra
Bharat ke Tukde: Poem on Patriotism vs Anti-nationalism
28th February 2017

Bharat ke Tukde: Poem on Patriotism vs Anti-nationalism

राष्ट्र विरोधी ताकतों के नाम एक सन्देश कविता के माध्यम से    कर ही दो अब भारत के टुकड़े और ले लो कोई कोना तुम लोग, वहीं ख़ुशी से नाचो गाओ विरोध स्वर में नारे लगाओ अपने टुकड़े को भी…

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