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valentine poem main aur tum
मैं और तुम – the valentine poem
14th February 2018

मैं और तुम – the valentine poem

काश वो वक्त ठहर जाता और मैं समेट लेता सारी खुशियाँ जो लायी थी मेरे चेहरे पे तुम्हारे चेहरे की एक झलक ने! दिन गुजरे और महीने और फिर साल साल दर साल बस निकलते गये मानो जैसे सबने ठान…

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