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Atal Ji – एक समर्पित कविता

अनवरत, सतत, निरंतर
बिना रुके, बिना थमे,
रखे बिना भेद-अंतर
चलता रहेगा एक विचार
जो जगाया है उसने
अपने जीवन की आहुति देकर।

राज-काज, राज-धर्म और धर्म
सिखाया जिसने
अपने वाणी की सर्वोच्च शीर्ष पर

खुद भी बन गया वो
आज एक राह

वो पथिक जो चला था
अकेले कभी,
आज काफिले पे उसके
दुनिया आयी है श्रद्धा-सुमन लेके!

 

हाँ कभी कभार दुःख अनायास हो जाता था किसी राजनेता के देहांत पर… पर ये कभी नहीं हुआ था की कभी मेरे आँखों से आंसू निकले हों! पर आज ऐसी घटना हुई जिसने मुझे बस इतना ही दुखी कर दिया की सहसा ही आँखों से आंसू निकल पड़े।  अटल जी एक राजनेता ही नहीं अपितु मुझ जैसे कितने ही युवाओं के लिए उस द्रोणाचार्य के समान थे जिन्हें बस देख भर के हमने राष्ट्र समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा ली। और मैं तो कुछ लिख भी लेता हूँ माँ सरस्वती की कृपा से, मेरे लिए तो वो शब्द-गुरु भी थे जिनकी देशभक्ति और दर्शन से ओत-प्रोत कवितायेँ पढ़कर मैंने बहुत कुछ सीखा! भले ही आज उनका देहांत हो गया हो और अटल जी भू लोक को छोड़के बैकुंठ धाम पहुंच गए हों, उनके विचार सदा हमारे बीच रहेंगे।

 

बदले जितनी दुनिया 

या बदले पैमाने 

या मानस पटल 

तू था, तू है और रहेगा हमेशा 

स्थिर, अविरत और अटल!

Alok Mishra

First and foremost a poet, Alok Mishra is an author next. Apart from these credentials, he is founder & Editor-in-Chief of Ashvamegh, an international literary magazine and also the founder of BookBoys PR, a company which helps writers brand themselves and promote their books. On this blog, Alok mostly writes about literary topics which are helpful for literature students and their teachers. He also shares his poems; personal thoughts and book reviews.

This Post Has 4 Comments
  1. बहुमुखी प्रतिभा के धनी, एक प्रखर वक़्ता, एक सजग राजनेता, एक सच्चा देशभक्त, माँ भारती का सच्चा सपूत आज अपनी वाणी को विश्राम देकर चिर निंद्रा में सोया हुआ है। आज वों हम सबो के बीच नही है इस खालीपन को शायद ही कोई भर पाये।
    अटलजी का व्यक्तित्व अपने आप मे सराहनीय और मर्यादा तूल थे। उन्होंने ने राजनीति भी सच्चे मन से की और देशभक्ति का परिचय भी दिया।
    अपने राजनीतिक यात्रा में उन्होंने विरोधी, प्रतिद्वंद्वी, और आलोचक बनाये अपितू कोई शत्रु नही बनाया। चलिश साल से अधिक विपक्ष में रहे कड़ी आलोचनाए की तीखा व्यंग भी किया परन्तु कभी भी शब्दो के मर्यादा का उलंघन नही किया उन्होंने।
    ऐसे महापुरुष को मेरा सत सत नमन और भबुक श्रदांजलि।

  2. आज मृत्यु भी इस सोच में होगी कि वह ‘अटल’ क्यो है!
    खैर…मृत्यु तो ‘अटल’ है, पर अटल अमर है! He’ll always be alive in his thoughts, coz legends never die! And the people like you will never let him die. Love your writings, Alok!

    1. Thanks for your words, Jyoti! Atal Ji’s demise has been a personal loss for me and millions like many! And this is the least that we can do – we will certainly not let him die!

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