Sunday Shayaris

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Sunday Shayaris – episode 2

खुद को भिगोयें भी कितना अल्फ़ाज़ों की बरसात में? पुरे बादलों के समंदर में बस तुम्हारी ही तो खुशबु है! *****************************************   तुम्हें और याद करूँ तो शायद मेरी जान चली जाये, पर भुलाके तुम्हें एक पल जी भी तो नहीं सकता! ***************************************** वजूद तलाशता हूँ अपना हर दिन, अपनों के बीच भी जैसे मैं पराया हूँ; क्या मैं हूँ भी या नहीं हूँ इस जिस्म में? या तुम से [...]

By | April 28th, 2019|Sunday Shayaris|0 Comments

Sunday Shayaris – Episode one

थोड़ी तुम हो, थोड़ा मैं हूँ और थोड़ी ज़िन्दगी है। आह! कौन जान सका है इसे? अधूरा मैं हूँ, अधूरी तुम हो और अधूरी ज़िन्दगी है! ******************** शायद उस रूह के रहनुमाओं को इस आत्मा से गुरेज़ था, वर्ना कहाँ ज़िन्दगी को प्रसन्न्ताओं से परहेज था! ********************   अब तो नींद से जाग ए ज़िन्दगी कब तक गिरे दीवारों में कमरा तलाशेगा तू? ******************** कुछ तो बात थी हमारे टूटे [...]

By | April 20th, 2019|Sunday Shayaris|0 Comments