Awara: A Hindi Poem

आवारा हकीकत की जब कल्पना नहीं कर पाता हूँ फिर मैं मजबूर हो जाता हूँ इच्छित संसार के स्वप्नों में विचरण करने को स्वछन्द आवारा रोक-टोक मुझे पसंद नहीं ना ही किसी ने की है अब तक पर हाँ, खुद से सवाल पूछे थे मैंने लगभग हर कदम पर की क्यों मैं होना चाहता हूँ स्वछन्द आवारा कुछ धुंधली सी तस्वीर है पर यादें पक्की हैं मेरे अस्तित्व के पटल [...]