Love

मैं और तुम – the valentine poem

काश वो वक्त ठहर जाता और मैं समेट लेता सारी खुशियाँ जो लायी थी मेरे चेहरे पे तुम्हारे चेहरे की एक झलक ने! दिन गुजरे और महीने और फिर साल साल दर साल बस निकलते गये मानो जैसे सबने ठान ली हो नदियों के जैसे बह जाने को ... समय की लहरों ने कभी दूर तो कभी पास किया मुझे और तुम्हें एक दूसरे के। अलग तो कभी हम हो [...]

By | February 14th, 2018|Love|0 Comments

I don’t remember her eyes – a poem

I don't remember her eyes. I don't remember those dark, big and beautiful eyes. I don't remember at all how they pushed me to a state of surmise - I really don't remember! Believe me; I don't.   for M A Poem A Day...

By | February 10th, 2018|Love|0 Comments